प्रातःस्मरणीय वंदनीय, अर्चनीय, भारतीय-युवा-ह्रदय-सम्राट स्वामी विवेकानंद के क्रन्तिकारी युग-उन्नायक विचारों की श्रृंखला आकर्षक ग्राफिक्स और निश्चित आकार में तैयार की गई है। इसका एक मात्र उद्देश्य इन्हे सात से सत्तर वर्ष के भारतवंशी तक पहुँचाने का प्रयास किया है।
यदि कोई चाहे तो इसे केलेण्डर की टेम्प्लेट की तरह भी उपयोग कर सकता है।